Search

Shop Our products Online @

www.gurutvakaryalay.com

www.gurutvakaryalay.in


रविवार, दिसंबर 16, 2018

व्यापार वृद्धि कवच | Vyapar Vruddhi Kawach


Shop Our products Online @

If you may have any query related our product and service ask us freely we will try to suggest you better. 
व्यापार वृद्धि कवच 
Vyapar Vruddhi Kawach

Price: Rs. 910

व्यापार वृद्धि कवच व्यापार में शीघ्र उन्नति के लिए उत्तम हैं। चाहें कोई भी व्यापार हो अगर उसमें लाभ के स्थान पर बार-बार हानि हो रही हैं।  किसी  प्रकार से व्यापार में बार-बार बाधाएं उत्पन्न हो रही हो! तो संपूर्ण प्राण प्रतिष्ठित मंत्र सिद्ध पूर्ण चैतन्य युक्त व्यापार वृद्धि कवच को धारण करने से शीघ्र ही व्यापार में वृद्धि एवं नितन्तर लाभ प्राप्त होता हैं।

सिद्ध सूर्य कवच | Siddha Surya Kawach


Shop Our products Online @

If you may have any query related our product and service ask us freely we will try to suggest you better. 
सिद्ध सूर्य कवच 
Siddha Surya Kawach

Price: Rs. 820


सिद्ध सूर्य कवच को धारण करने से सूर्य ग्रह से संबंधित बाधाएं शांत होती हैं। सूर्य के अशुभ प्रभाव दूर हो कर शुभ प्रभावों में वृद्धि होती हैं।

शनिवार, दिसंबर 15, 2018

श्रापित योग निवारण कवच | Sharapit Yog Nivaran Kawach


Shop Our products Online @

If you may have any query related our product and service ask us freely we will try to suggest you better. 
श्रापित योग निवारण कवच 
Sharapit Yog Nivaran Kawach

Price: Rs. 1900

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के योगों का वर्णन मिलता हैं। इन योगों में एक योग "श्रापित योग" हैं इसे "शापित दोष" भी कहा जाता हैं। इस योग के संबंध में कहां जाता हैं की जिस व्यक्ति की कुण्डली में श्रापित योग होता हैउनकी कुण्डली में मौजूद अन्य शुभ योगों का प्रभाव कम हो जाता है जिससे व्यक्ति को जीवन में विभिन्न कठिनाईयों एवं चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
कुछ जानकार कुण्डली में मौजूद श्रापित योग का कारण भी पूर्व जन्म के कर्मों का फल मानते हैं। कुछ ज्योतिषी का मानना हैं की श्रापित योग अत्यंत अशुभ फलदायी हैं। श्रापित योग का फल व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार भोगना पड़ता हैं।
कैसे जाने जन्म कुंडली में श्रापित योग हैं या नहीं?
भारतीय ज्योतिषशास्त्र में सूर्यमंगलशनिराहु और केतु को अशुभ ग्रहों माना गया है। इन अशुभ ग्रहों में जब शानि और राहु की एक राशि में मौजूद हो तो श्रापित योग का निर्माण होता है। शनि और राहु दोनों ही ग्रह अशुभ फल देते हैं इसलिए इन दोनों ग्रहों के संयोग से बनने वाले योग को शापित योग या श्रापित योग कहा जाता है। कुछ ज्योतिष के जानकार यह मानते हैं कि शनि की  राहु पर दृष्टि होने से भी इस योग का निर्माण होता हैं।
साधारण भाषा में समझे तो शाप का अर्थ शुभ फलों नाश होना माना जाता है। उसी प्रकार शापित योग का अर्थ हैंशुभ योगों को नाश करने वाला योग।
जिस किसी की कुण्डली में यह योग का निर्माण होता है उसे इसी प्रकार का फल मिलता है अर्थात उनकी कुण्डली में जितने भी शुभ योग होते हैं वे इस योग के कारण प्रभावहीन हो जाते हैं!
आमतौर पर ऐसा माना जाता हैं की शापित योग से पीड़ित व्यक्ति को अपने कार्यों में विभिन्न प्रकार की कठिन चुनौतियों एवं मुश्किलों का सामना करना होता हैं।
लेकिन कुछ ज्योतिषी इससे सहमत नहीं हैंउनका मानना हैं की शापित योग से संबंधित यह धारण पूरी तरह गलत हैजिस व्यक्ति की कुण्डली में शापित योग बनता हैउन व्यक्ति की कुण्डली में अन्य योगों की अपेक्षा शापित योग अधिक प्रभावशाली होकर व्यक्ति को शुभ फल देता हैं! जिस प्रकार ज्योतिषशास्त्र के अनुशार जब दो मित्र ग्रहों की युति किसी राशि में बनती है तो उनका अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाता है और दोनों मित्रग्रह मिलकर व्यक्ति को शुभ फल देते हैं। उसी प्रकार से वह शनि एवं राहु के योग से निर्मित होने वाले शापित योग को अशुभ नहीं मानते हैं।
लेकिन यह एक वैचारिक मतभेद का मुद्दा हैंयदि आपकी जन्म कुंडली में श्रापित योग का निर्माण हो रहा होऔर आपको इससे संबंधित कष्ट प्राप्त हो रहे हो तो आप श्रापित योग निवारण कवच को धारण करके धारण कर्ता को विशेष लाभ प्राप्त कर अपनी परेशानियों को दूर कर सकते हैं। इस कवच के प्रभाव से श्रापित योग के प्रभावों में न्यूनता आती हैं।

कालसर्प शांति कवच | Kaalsarp Shanti Kawach


Shop Our products Online @

If you may have any query related our product and service ask us freely we will try to suggest you better. 
कालसर्प शांति कवच 
Kaalsarp Shanti Kawach

Price: Rs. 3700

कालसर्प योग क्या हैं?
काल का मतलब है मृत्युजानकारो के मतानुशार जिस व्यक्ति का जन्म कालसर्प योग मे हुवा हो वह व्यक्ति जीवन भर मृत्यु के समान कष्ट भोगने वाला होता है
व्यक्ति जीवन भर कोइ ना कोइ समस्या से ग्रस्त होकर अशांत चित होता है।
कालसर्प योग मतलब क्या?
जब जन्म कुंडली में सारे ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित रहते हैं तो उससे ज्योतिष विद्या के जानकार उसे कालसर्प योग कहते है। यदि राहु और केतु के बीच से एक ग्रह बाहर निकल जाये तो उसे आंशिक कालसर्प योग कहते हैं।
कालसर्प योग किस प्रकार बनता है और क्यों बनता हैं?
जब 7 ग्रह राहु और केतु के मध्य मे स्थित हो यह अच्छि स्थिति नहि है।
राहु और केतु के मध्य मे बाकी सब ग्रह आजाने से राहु केतु उनके प्रभावो को पकडके रखते है। तो कालसर्प योग बनता हैक्योकि ज्योतिष मे राहु को सर्प(साप) का मुह(मुख) एवं केतु को पूंछ कहा जाता है।
कालसर्प योग क्या होता हैं?
जैसे किसी व्यक्ति को साप काट ले तो वह व्यक्ति शांति से नही बेठ सकता वेसे ही कालसर्प योग से पीड़ित व्यक्ति जीवन पर्यन्त शारीरिकमानसिकआर्थिक परेशानी का सामना करना पडता है। विवाह विलम्ब से होता है एवं विवाह के पश्च्यात संतान से संबंधी कष्ट जेसे उसे संतान होती ही नहीं या होती है तो रोग ग्रस्त होती है। उसकी रोजी-रोटी का जुगाड़ भी बड़ी मुश्किल से हो पाता है। अगर जुगाड़ होजाये तो लम्बे समय तक टिकती नही है। बार-बार व्यवसाय या नौकरी मे बदलाव आते रेहते है। धनाढय घर में पैदा होने के बावजूद किसी न किसी वजह से उसे अप्रत्याशित रूप से आर्थिक क्षति होती रहती है। तरह तरह की परेशानी से घिरे रहते हैं। एक समस्या खतम होते ही दूसरी पाव पसारे खडी होजाती है। योग से व्यक्ति को चैन नही मिलता उसके कार्य बनते ही नही और बन जाये भी तो आधे मे रुक जाते है। 99% हो चुका कर्य भी आखरी पलो मे अकस्मात ही रुक जात है।
जिन लोगों को उक्त योग के कारण परेशानी हो रही होविभिन्न पूजा-पाठ इत्यादि करवाने के उपरांत भी विशेष लाभे की प्राप्ति नहीं हो रही होऐसी स्थिती में कालसर्प शांति कवच अत्यंत लाभप्रद सिद्ध होता हैं। कालसर्प शांति कवच को धारण कर के कालसर्प योग के कुप्रभावो को कम किया जा सकता है।
जिन लोगो को लगता हो की उनके कार्य विशेष में कालसर्प योग के कारण विघ्न बाधाये एवं विलंब हो रहा हैं तो वह कालसर्प योग शांति कवच को धारण कर सकते हैं।
कालसर्प शांति कवच का निर्माण विशेष रुप से विधि-विधान से ग्रहों के कुप्रभावों को शांत करने के लिए किया जाता हैंजिससे ग्रहों द्वारा प्राप्त होने वाले अशुभ प्रभाव कम हो सके और धारण कर्ता के जीवन से विभिन्न दुःखसंकटएवं परेशानियां कम हो कर उसे जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होउसका जीवन सुखमय व्यतीत हो सकता हैं।
कालसर्प योग संबंधित विशेष मत
आधुनिक ज्योतिषीय संशोधन के आधार पर कुछ ज्योतिष के जानकारों ने कालसर्प योग के प्रभाव को स्वीकार किया हैं। जिस में कुछ ज्योतिषी पूर्ण कालसर्प को ही मानते हैं वह लोग अर्ध कालसर्प योग को नहीं मानते। लेकिन कुछ ज्योतिषीयों ने अपने अनुभव एवं अनुशंधान से अर्ध कालसर्प योग के प्रभावों को माना हैं।
लेकिन कुछ ज्योतिषी आजतक कालसर्प योग के प्रभावों को नहीं मानते हैं।
कुछ अज्ञानि लोग कालसर्प योग को कालसर्प दोष कहते हैंलेकिन यह कोइ दोष नहीं एक ज्योतिषी योग हैं। इस लिए यदि कालसर्प योग कुंडली में हो तो इससे घबराये या ड़रे बीना उसका उपाय करना बुद्धि मता हैं।

शुक्रवार, दिसंबर 14, 2018

अमोघ महामृत्युंजय कवच | Amogh Mahamrutyunjay Kawach


Shop Our products Online @

If you may have any query related our product and service ask us freely we will try to suggest you better. 
अमोघ महामृत्युंजय कवच
Amogh Mahamrutyunjay Kawach

Price: Rs. 10900

यदि जन्म कुंडली में मृत्यु का योग बन रहा होमारक ग्रहों की दशा के दौरान प्राणभयशत्रुआदि के कारण प्राणभयआकस्मिक कुण्डली में दुर्घटनाओं के योग बन रहे होबार-बार स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं कष्ट दे रहि होऔषधियों का प्रभाव लेशमात्र हो रहा हो आदि सभी कारण जिससे प्राण संकट में हो तब शास्त्रोक्त मतानुशार अमोघ महामृत्युंजय कवच सर्वश्रेष्ठ उपाय माना जाता हैं।
शास्त्रों में वर्णित हैं की एक बार देवी भगवती ने भगवान शिव से पूछा कि प्रभू अकाल मृत्यु से रक्षा करने और सभी प्रकार के अशुभों से रक्षा का कोई सरल उपाय बताइए। तब भगवान शिव ने महामृत्युंजय कवच के बारे में बताया। महामृंत्युजय कवच को धारण करके मनुष्य का सभी प्रकार के अनिष्ट से बच होता हैं और अकाल मृत्यु को भी टाल सकता हैं।
अमोद्य् महामृत्युंजय कवच व उल्लेखित अन्य सामग्रीयों को शास्त्रोक्त विधि-विधान से विद्वान ब्राह्मणो द्वारा सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र जप एवं दशांश हवन द्वारा निर्मित किया जाता हैं इस लिए कवच अत्यंत प्रभावशाली होता हैं।

सरस्वती कवच | Saraswati Kawach


Shop Our products Online @

If you may have any query related our product and service ask us freely we will try to suggest you better. 
सरस्वती कवच 
Saraswati Kawach

Price: Rs. 910

विद्या प्राप्ति हेतु सरस्वती कवच
आज के आधुनिक युग में शिक्षा प्राप्ति जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से  एक  है। हिन्दू धर्म में  विद्या की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती को माना जाता हैं। इस लिए देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना से कृपा प्राप्त करने से बुद्धि कुशाग्र एवं तीव्र होती है।
आज के सुविकसित समाज में चारों ओर बदलते परिवेश एवं आधुनिकता की दौड में नये-नये खोज एवं संशोधन के आधारो पर बच्चो के बौधिक स्तर पर अच्छे विकास हेतु विभिन्न परीक्षाप्रतियोगिता एवं प्रतिस्पर्धाएं होती रहती हैंजिस में बच्चे का बुद्धिमान होना अति आवश्यक हो जाता हैं। अन्यथा बच्चा परीक्षाप्रतियोगिता एवं प्रतिस्पर्धा में पीछड जाता हैंजिससे आजके पढेलिखे आधुनिक बुद्धि से सुसंपन्न लोग बच्चे को मूर्ख अथवा बुद्धिहीन या अल्पबुद्धि समझते हैं। एसे बच्चो को हीन भावना से देखने लोगो को हमने देखा हैंआपने भी कई सैकडो बार अवश्य देखा होगा?
ऐसे बच्चो की बुद्धि को कुशाग्र एवं तीव्र होबच्चो की बौद्धिक क्षमता और स्मरण शक्ति का विकास हो इस लिए सरस्वती कवच अत्यंत लाभदायक हो सकता हैं।
सरस्वती कवच को  देवी सरस्वती के परंम दूर्लभ तेजस्वी मंत्रो द्वारा पूर्ण मंत्रसिद्ध और पूर्ण चैतन्ययुक्त किया जाता हैं। जिस्से जो बच्चे मंत्र जप अथवा पूजा-अर्चना नहीं कर सकते वह विशेष लाभ प्राप्त कर सके और जो बच्चे पूजा-अर्चना करते हैंउन्हें देवी सरस्वती की कृपा शीघ्र प्राप्त हो इस लिये सरस्वती कवच अत्यंत लाभदायक होता हैं। 
सरस्वती कवच और यंत्र के विषय में अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें।

शनि साड़ेसाती और ढ़ैया कष्ट निवारण कवच | Shani Sadesatee aur Dhaiya Kasht Nivaran Kawach


Shop Our products Online @

If you may have any query related our product and service ask us freely we will try to suggest you better. 
शनि साड़ेसाती और ढ़ैया कष्ट निवारण कवच 
Shani Sadesatee aur Dhaiya Kasht Nivaran Kawach

Price: Rs. 2350

शनि साड़ेसाती और ढ़ैया कष्ट निवारण कवच को शीघ्र प्रभावशाली बनाने हेतु शनिदेव के विशिष्ट मंत्रों द्वारा मंत्र सिद्ध किया जाता हैं। जिससे प्रभाव से धारण कर्ता को तत्काल लाभ प्राप्त होता हैं। यदि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुशार शनि की ढै़या या साढ़ेसाती का चल रही हो ऐसी स्थिती में व्यक्ति को अनेक कार्यों में असफलता प्राप्त होती हैकभी व्यवसाय में घटानौकरी में परेशानीवाहन दुर्घटनागृह क्लेश आदि परेशानीयां बढ़ती जाती है ऐसी अवस्था में शनि को शांत करने और उसकी कृपा प्राप्त करने के लिए शनि साड़ेसाती और ढ़ैया कष्ट निवारण कवच अत्यंत लाभप्रद होता हैं। शनि साड़ेसाती और ढ़ैया कष्ट निवारण कवच को धारण करने से साड़ेसाती और ढ़ैया के दौरान व्यक्ति को प्राप्त होने वाला मृत्यु भयकर्जकोर्टकेशजोडो का दर्दबात रोग तथा लम्बे समय के सभी प्रकार के रोग से परेशान व्यक्ति के लिये शनि साड़ेसाती और ढ़ैया कष्ट निवारण कवच अधिक लाभकारी हो सकता हैं।