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बुधवार, सितंबर 28, 2011

नवरात्र में मां दुर्गा के नवरुपों कि उपासना कल्याणकारी हैं

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नवरात्र में मां दुर्गा के नवरुपों कि उपासना कल्याणकारी हैं
लेख साभार: गुरुत्व ज्योतिष पत्रिका (अक्टूबर-2011)

मां दुर्गा के नवरुपों की उपासना निम्न मंत्रों के द्वारा की जाती हैप्रथम दिन शैलपुत्री की एवं क्रमशः मां दुर्गा के नवरुपों की उपासना की जाती है।
शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चन्द्रघण्टा कूष्माण्डा स्कन्दमाता कात्यायनी कालरात्रि महागौरी सिद्धिदात्री
1.शैलपुत्री
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम् 
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम् 

2. ब्रह्मचारिणी
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू 
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा 

3. चन्द्रघण्टा
पिण्डजप्रवरारुढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता 
प्रसादं तनुते मह्यां चन्द्रघण्टेति विश्रुता 

4. कूष्माण्डा
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव  
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे 

5. स्कन्दमाता
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी

6. कात्यायनी
चन्द्रहासोज्वलकरा शार्दूलवरवाहना
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी

7. कालरात्रि
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी

8. महागौरी
श्वेते वृषे समारुढा श्वेताम्बरधरा शुचिः
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा

9. सिद्धिदात्री
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी

>> गुरुत्व ज्योतिष पत्रिका (अक्टूबर -2011)

OCT-2011
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