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गुरुवार, जुलाई 01, 2010

बोलते हैं हस्ताक्षर (भाग -३)

signaBolate hain hastakshar Bhag-3 (Part -3)


बोलते हैं हस्ताक्षर (भाग -३)

* अनुसंधानो में देखा गया हैं कि जो व्यक्ति सीघा लिखते हैं वह भविष्य में गोते लगाने से वर्तमान में जीनेमें अधिक विश्वास करते हैं। एसी लिखावट वाले यक्ति बडे आत्म-विश्वासी होते हैं, उनकी स्वतंत्र सोच के कारण निर्णय लेने की क्षमता गजब कि होती हैं एवं तर्कशास्त्र में विशेष रुचि रखते हैं।

* जिस व्यक्ति कि लिखावट का झुकाव दायीं तरफ होता हैं वह व्यक्ति बहिर्मुखी होते हैं, जिस कारण, सामाजिक प्रवृत्ति और व्यवहार कुशलता का विशेष गुण इनमें सरलता से देखने मिलजाता हैं। अपने कार्यो की प्रशंसा की विशेष चाह रखते हैं। एसे व्यक्ति अधिक कर्मशील होने से अपनए भविष्य को उज्ज्वल बनाने की चिंता के कारण व्यक्ति में सदा कुछ न कुछ क्रियात्मक कार्य करते हुए आगे बढते रहने की इच्छा रहती हैं। भावनात्मक प्रवृत्ति के कारण अन्य लोगों के प्रति संवेदनशील होते हैं तथा उनके बीच रहना भी पसंद करते हैं।

*जिस व्यक्ति कि लिखावट का झुकाव बायीं ओर होता है वह व्यक्ति शांत स्वाभाव के होते हैं। उनमें अकेला जीवन बिताने कि इच्छा अधिक रहती हैं। एसे व्यक्ति थोडे संवेदनशील होते हैं जिस वजह से लोग उन्हें डरपोक समझते हैं। व्यक्ति अपनी सोच एवं परिस्थिओं के कारण व्यक्ति हमेशा अपने आपमें खोया रहता हैं जिस्से वह सरलता से बाहर नहीं निकल पाते जिसके कारण आसानी से मित्र नहीं बना पाते हैं।

*जिस व्यक्ति कि लिखावट बार-बार बदते रहते हैं वह व्यक्ति अस्थिर मानसिकता वाले होते हैं। एसे व्यक्ति अधिक धन का अपव्यय करने वाले, थोडे लापरवाह, हर जगह अपनी मर्जि चलाने वाले, जिद्दी किस्म के होते हैं। लोग इन पर शीघ्र विश्वास नहीं कर पाते यदि कोइ कर ले तो उनका विश्वार बरकरार रखने में भी यह असमर्थ होते हैं। मानसिक चिंता हर समय लगी रहती हैं। इनका व्यवसाय या नौकरी में बार बार परिवर्तन होते रहते हैं।
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