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शुक्रवार, फ़रवरी 04, 2011

मासिक राशि फल फरवरी-2011

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मासिक राशि फल फरवरी-2011


मेष:
1 से 14 फ़रवरी 2011 : नौकरी-व्यवसाय में उनाति होगी। भूमि- भवन-वाहन के क्रय-विक्रय से लाभ प्राप्त हो सकता हैं। शत्रु पक्ष से सावधान रहें आप पर झूठे आरोप लग सकते है। आपकी मानसिक चिन्ताओं में वृद्धि हो सकती हैं। परिवार का स्वास्थ्य चिंता का विषय हो सकता हैं। नये लोगो की मित्रता से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। परिवार की सुख -शान्ति को बनाये रखने का प्रयास करें।
15 से 28 फ़रवरी 2011: उच्चाधिकारियों से लाभ प्राप्त होगा। यदि नौकरी में हैं तो स्थानांतर हो सकता हैं या नई नौकरी प्राप्त हो सक्ते हैं, व्यवसाय में हैं तो उन्नती कि मार्ग प्रसस्त होंगे। शत्रु पक्ष पर आपका दबदबा रहेगा। वाहन सावधानी से चलाये या वाहन से सावधान रहे आकस्मिक दुर्घटना हो सकती हैं। कोई अप्रिय सूचना कि प्राप्ती से मानसिक अशांति हो सकती हैं।

वृषभ:
1 से 14 फ़रवरी 2011: आपकी कार्यो के प्रति लापरवाही प्राप्त होने वाले धन लाभों को प्रभावित कर सकती है। भूमि-भवन-वाहन से संबंधित कार्यो में लाभ प्राप्त होगा। मानसिक चिंतासे मुक्त रहने का प्रयास करे अन्यथा उच्च रक्तचाप के शिकार हो सकते है। जीवन साथी का सहयोग प्राप्त होगा और आपसी प्यार बढेगा। परिवार के साथ तीर्थ यात्राओं पर जाने के योग बन रहे हैं।
15 से 28 फ़रवरी 2011: पूर्ण प्रयासो से किये गये कार्यो में मनोवांछित लाभ प्राप्त हो सकते है। कार्यो में विशेष रुचि रखने से उच्च अधिकारी के सहयोग से लाभ प्राप्त होगा। किसी से वाद-विवाद करने से बचे अन्यथा कानूनी समस्या में फंस ने के योग हैं। माता के स्वास्थ्य से संबंधित चिंता रह सकती हैं। किसी से शीघ्रता में संपर्क बनाने से बचें।

मिथुन:
1 से 14 फ़रवरी 2011: भौतिक सुख साधनो में वृद्धि के लिये अथवा व्यावसायिक कार्यो के लिये कर्ज लेना पड सकता हैं। आपके द्वारा महत्व पूर्ण कार्यो हेतु किये गये प्रयास सफल होगें। अपनी क्षमता से अधिक कार्य करेने कि वृति का त्याग करें। उचे स्थानो से गिरने से चोट लग सकती एवं वाहन से सावधानी बर्ते आकस्मिक दूर्घटना होने के योग बन रहे हैं।
15 से 28 फ़रवरी 2011: पूर्ण परिश्रम से किये गये कार्यो से कार्य में सफलता प्राप्त होगी। महत्व पूर्ण योजनाएं गोपनीय रखे अन्यथा विरोधि एवं शत्रु पक्ष लाभ उठाने से नहीं चुकेंगे । आपकी इच्छाओं के विपरीत होने वाले कार्यो से समस्याएं हो सक्ती हैं। माता के स्वास्थ्य से संबंधित चिंता हो सकती हैं। जीवन साथी का सहयोग प्राप्त होगा और आपसी प्यार बढेगा।

कर्क:
1 से 14 फ़रवरी 2011: महत्वपूर्ण कार्यो को करने में आप सफल होंगे। इस अवधि में आपके उपर कार्य के दबावों के चलते आपकी लापरवाही आपको लंबे समय का नुक्शान कर सकती हैं। सावधान रहे। आवश्यकता से अधिक संघर्ष करना पड सकता है। मानसिक चिन्ताओं में कमी आयेगी। अपने खाने- पीने का ध्यान रखे अन्यथा आपका का स्वास्थ्य नरम हो सकता है।
15 से 28 फ़रवरी 2011: सकारात्मक दृष्टिकोण से आपकी कार्य शैली बहुत सक्रिय होगी जिस्से आय के एक से अधिक स्त्रोत बन सकते हैं। योजना पूर्वक किये गये कार्यो सें अपने रुके हुए कार्यो को कुशलता से पूरा करेंगे। प्रकृति में बदलाव से आपका स्वास्थ्य नरम रह सकता है। पारिवारिक असंतोष इस अवधि के दौरान बढ सकता हैं। पारिवारीक लोगो से लंबे समय तक वैचारिक मतभेर रह सकता हैं।

सिंह:
1 से 14 फ़रवरी 2011: यह आपके जीवन में वर्तमान प्रवृति के अनुसार मश्रित फल प्रदान करेगा। आपको पूर्व कर्मों का फल इस समय मिलेगा। अपने बौद्धिक ज्ञान और कार्य कुशलता का उपयोग कार्य क्षमता को बढाने का प्रयास करें। पठन-पाठन, अध्यापन एवं जीवन साथी से आपको प्रसन्ना मिलेगी। विध्न-बाधाओं से घबराएं नहीं। मन को एकाग्र और केन्द्रित रखने की कोशिश कीजिए।
15 से 28 फ़रवरी 2011: अप्रत्याशित स्रोत से आकस्मिक धन लाभ मिलने की संभावना है। नये कार्यो की शुरूआत न करे विध्न की संभावना है। हताशा और निराशा वाले विचारो को त्यागदे। लोग आपकी प्रशंसा करेंगे। आपको कान से संबंधित परेशानी हो सकती हैं। आपको अपने वरिष्ठो का आशिर्वाद मिल सकता हैं। यात्रा करना विशेषकर गाड़ी सावधान रहे। अपनो के बिचमें गलतफहमियां पैदा हो सकती।

कन्या:
1 से 14 फ़रवरी 2011: इस दौरान कोई महत्वपूर्ण योजनाओं को पूरा करने में चुनौतियों का सामना करना पड सकता हैं। इस अवधि में आपको अपनी दिनचार्या एवं कार्य क्षेत्र पर अधिक ध्यान देने कि आवश्यकता हो सकती हैं। आपको वाहन सावधानी चलाना चाहिये एवं किसे व्यक्ति विशेष से वाद विवाद करने से बचना चाहिये। आप मानसिक तनाव से ग्रस्त हो सकते हैं।
15 से 28 फ़रवरी 2011: इस अवधि में आपके अंदर आध्यात्मिक शक्ति का विकास हो सकता हैं। अर्थिक स्थिती में सुधार होगा। अनावश्यक चिंताओं पर नियंत्रण करें अन्यथा स्वास्थ्य से संबंधित परेशानीया सर उठा सकती हैं। आपको जल से संबंधित स्वास्थ्य समस्या हो सकती हैं। सावधान रहे। वाहन चलाते समय सावधान रहे। अनावश्यकता खर्चो में कमी आयेगी।

तुला:
1 से 14 फ़रवरी 2011: इस दौरान सफलता आपके कदम चूमेगी यह समय आपके लिये पहले से अधिक भाग्यशाली साबित होगा। आपके कार्य क्षेत्र कि कठिनाइयां कम होगी एवं आपको समय के साथ सुख-सुविधाएं प्राप्त होगी। सरकार और प्रसाशन से लाभ प्राप्त हो सकता हैं।इस दौरान आपके भीतर अधिक आत्मविश्वासी और साहसी हो सकते हैं। प्रेम से संबंधित मामलो में आपको सफलता और खुशीयां प्राप्त होगी।
15 से 28 फ़रवरी 2011: आपकी रुचि एक से अधिक कार्यो में हो सकती हैं। दूरस्थ स्थानो से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आपको महत्वाकांक्षी होकर अपनी उन्नति के बारे में विचार कर लेना चाहिये। लोग आपके व्यक्तित्व की सराहना करेंगे जिस्से आपके पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। यदि इस दौरान आपमें संतोष का भाग जाग्रत होगा तो आप का विकास रुक सकता हैं। आपका मन प्रसन्न रहेगा।

वृश्चिक:
1 से 14 फ़रवरी 2011: आपको नई नोकरी प्राप्त कर सकते हैं या किसी नये व्यवसाय व्यवसाय का शुभारंभ कर सकते हैं। इस दौरान आपको शुभ समाचारो की प्राप्ति हो सकती हैं। अपने परिवार एवं इष्ट मित्रो के साथ में प्रसन्नता अनुभव कर सकते हैं। अत्याधिक लाभ के चक्कर में किसी गलत स्थानो पर पूंजि निवेश हानी कारक हो सकता हैं। इस दौरान कर्ज लेने से बचे।
15 से 28 फ़रवरी 2011: इस दौरान आपको अपने प्रयाशो के अनुरुप लाभ कि अधिक प्राप्ति होगी। दूरस्थ स्थानो कि व्यवसायीक यात्रा लाभ प्रद हो सकती हैं। ऑंख से संबंधित रोग हो सकते हैं। अनावश्यक किसी से उलझने से बचे अन्यथा शत्रु एवं विरोधि पक्ष से नुक्शान हो सकता हैं। ऑंखों का विशेष ध्यान रखे। अपनी वाणी एवं क्रोध पर नियंत्रण रखे अपनो से रिश्ते बिगड सकते हैं।

धनु:
1 से 14 फ़रवरी 2011: इस दौरान आपको अनुकूल परिणामो कि प्राप्ति होगी। आपका मन अत्याधिक संवेदनशील रह सकता हैं। आपके प्रयासो से अपनी अधिकतर समस्याओं को दूर करने सफल हो सकते हैं। आपकी महत्वपूर्ण योजनाओं से भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है। भूमि-भवन इत्यादी में किया गया पूंजि निवेश, क्रय-विक्रय लाभ प्रद हो सकता हैं।
15 से 28 फ़रवरी 2011: इस अवधि में नई परियोजनाओं को शुरू करने हेतु समय फायदेमंद साबित हो सकता हैं। आर्थिक लाभ की संभावना है। ऋण संबन्धी कार्यो का लेन-देन शुभ फलदायी सिद्ध हो सकते हैं। आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। अपने खान-पान का ध्यान रखे। किसी व्यक्ति से वाद-विवाद में उलझने से परहेज करें। आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

मकर:
1 से 14 फ़रवरी 2011: एक से अधिक कार्यो में आपकी रुचि हो सकती हैं। लोग आपके व्यक्तित्व की सराहना करेंगे जिस्से आपके पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पूंजि निवेश एवं धन से संबंधित लेन-देन एवं महत्वपूर्ण निर्णय इस दौरान करना कष्टकारी हो सकता हैं। ऋण से सम्बन्धित लेन-देन में अतिरिक्त सावधानी रखे। भूख से अधिक भोजन आपकी सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
15 से 28 फ़रवरी 2011: इस अवधि में कि गई प्रार्थना और पूजा से भविष्य में लाभ मिलेगा। अनाचश्यक खर्च करने से बचे अन्यथा बडा नुकसान संभव हैं। वाणी एवं क्रोध पर नियंत्रण रखे अन्यथा आपके बने बनाये कार्य बिगड सकते हैं। आपकी मानसिक अस्थितार महत्वपूर्ण निर्णय लेने में विलंब कर सकती हैं। अल्प निद्रा के कारण आपको नींद सम्बन्धी परेशानी हो सकती है।

कुंभ:
1 से 14 फ़रवरी 2011: परिश्रम एवं मेहनत से अधिक धन लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस अवधि में कि गई प्रार्थना और पूजा से भविष्य में लाभ मिलेगा। लोग आपके व्यक्तित्व की सराहना करेंगे जिस्से आपके पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पूंजि निवेश एवं धन से संबंधित लेन-देन एवं महत्वपूर्ण निर्णय इस दौरान करना लाभदायक रहेगा। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
15 से 28 फ़रवरी 2011: नई परियोजनाओं को शुरू करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने हेतु समय फायदेमंद साबित हो सकता हैं। सहकर्मचारी एवं उच्चाधिकार आपके महत्व को समझेंगे और आपके गुणों की प्रशंसा करेंगे। भूमि-भवन इत्यादी में पूंजि निवेश लाभप्रद रहेगा। नये लोगो से मित्रता हो सकती हैं। वाणी एवं क्रोध पर नियंत्रण रखे अन्यथा आपके बने बनाये कार्य बिगड सकते हैं।

मीन:
1 से 14 फ़रवरी 2011: आपके भौतिक सुख साधनो में वृद्धि होगी। आपको वरिष्ठ व्यक्तिओं के साथ अपने विचार अभिव्यक्त करने का अवसर मिल सकता है। पूर्व से चल रहे कार्यो में सामान्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आपके शत्रु पर आपका प्रभाव रहेगा। आवश्यकता से अधिक भाग-दौड के कारण आपको थकावट हो सकती हैं। दुष्ट लोगो की संगत में न पड़ें।
15 से 28 फ़रवरी 2011: बौद्धिक क्षमता का पूर्ण उपयोग कर उच्चाधिकारी के सहयोग से सफलता प्राप्त कर सकते हैं। भौतिक सुख साधनो कि खरीदारी कर सकते हैं। जीवन साथी और बच्चो के साथ खुशी-खुशी समय बिताने का प्रयास करे। किसी से कलह एवं तकरार में न उलझें। पूराने ऋण का भुगतान कर दें। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा खान-पान में सावधानी रखे।

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मंगलवार, फ़रवरी 01, 2011

गुरुत्व ज्योतिष ई पत्रीका फरवरी 2011 में प्रकशित लेख

February 2011 free monthly Astrology Magazines, You can read in Monthly GURUTVA JYOTISH Magazines Astrology, Numerology, Vastu, Gems Stone, Mantra, Yantra, Tantra, Kawach & ETC Related Article absolutely free of cost. गुरुत्व ज्योतिष मासिक ई पत्रीका ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु, रत्न, मंत्र, यंत्र, तंत्र, कवच इत्यादि प्राचिन गूढ सहस्यो एवं आध्यात्मिक ज्ञान से आपको परिचित कराती हैं।

विशेष लेख
वंसत पंचमी  5परिक्षा में सफलता प्राप्ति हेतु 15
सरस्वती उपासना का महत्व 7विद्या प्राप्ति के लिएवास्तु के उपाय 16
विद्याध्ययन आवश्यक क्यों8ज्योतिष में विद्या प्राप्ति एवं उच्च शिक्षा के योग17
विद्या प्राप्ति के विलक्षण उपाय(टोटके)  10विद्या प्राप्ति में रुकावट के योग 20
विद्या प्राप्ति के विलक्षन प्रयोग 12ज्योतिष और विद्या विचार 25
सरस्वती अष्टोत्तरनामावलीः 13प्रश्न ज्योतिष से जाने विद्या प्राप्ति के योग 27

अनुक्रम
संपादकीय4फरवरी -2011 मासिक व्रत-पर्व-त्यौहार52
सर्व कार्य सिद्धि कवच19ग्रह चलन फरवरी -201154
राशि रत्न24फरवरी 2011 -विशेष योग55
श्रीसरस्वती स्तुति32दैनिक शुभ एवं अशुभ समय ज्ञान तालिका55
सरस्वती स्तोत्र33दिन-रात के चौघडिये 56
जब लक्ष्मी, सरस्वती और गंगा को मिला शाप34दिन-रात कि होरा सूर्योदय से सूर्यास्त तक57
सरस्वती आरती34वास्तु परामर्श58
द्वादश सरस्वती स्तोत्र34ज्योतिष परामर्श 59
सरस्वतीस्तोत्रम्35सर्व रोगनाशक यंत्र/कवच60
अथ श्री सरस्वती चालीसा36मंत्र सिद्ध कवच62
सरस्वती के विभिन्न मंत्र से विद्या प्राप्ति37YANTRA LIST 63
मासिक राशि फल42GEM STONE 65
जब सरस्वती ने कालिदास का अहंकार  तोडा ?45BOOK PHONE/ CHAT CONSULTATION66
सरस्वती पूजन से बच्चे बनते हैं महाबुद्धिमान?47सूचना67
फरवरी  2011 मासिक पंचांग50हमारा उद्देश्य69
(File Size : 3.75 MB)

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बुधवार, जनवरी 19, 2011

गुरु पुष्य योग (20-Januaryr-2010)

Guru Pushya Yoga/Guru Pushyaamrut Yoga, guru prushiyami yoga, guru pushya nakshatra, विक्रम संवत 2067, शक संवत 1932 गुरु पुष्य योग, गुरु पुष्य नक्षत्र, 20-Januaryr-2010, 2०-जनवरी-2010

गुरु पुष्यामृत योग,


20-जनवरी-2010 को प्रात: 7:16 से रात 09:08 तक पुष्य नक्षत्र रहेगा।

गुरु पुष्य योग के बारे में अधिक जानकारी हेतु क्लिक करें।

>> गुरु पुष्य योग
>> http://gurutvakaryalay.blogspot.com/2009/12/blog-post_2941.html

>> गुरु पुष्यामृत
>> http://gurutvakaryalay.blogspot.com/2009/12/blog-post_18.html

>> गुरु पुष्य योग का महत्व
>> http://gurutvakaryalay.blogspot.com/2010/12/blog-post_23.html

ग्रह शांति हेतु करें व्रत-उपवास

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व्रत-उपवास द्वारा ग्रह शांति


व्यक्ति कि जन्म कुंडली के अनुसार जो ग्रह पीडा कारक या के दुःख दायी हो, तो ग्रहो से संबंधित वार के अनुशार व्रत करना चाहिये। ग्रह से संबंधित वार का व्रत करने से ग्रह अपना अशुभ प्रभाव दूर कर शुभ प्रभाव देने हेतु मजबूर जाते हैं, जैसे दुष्ट से दुष्ट व्यक्ति को यदि हम दो हाथ जोड कर प्रणाम कर दे तो उसका भी हृदय परिवर्तन हो जाता हैं। थिक उसी प्रकार यदि प्रतिकूल ग्रहो के दुष्ट प्रभाव को उस ग्रह कि पूजा-अर्चना, मंत्र जाप या व्रत उपवास करने से ग्रहो के भी अशुभ प्रभाव स्वतः दूर हो जाते हैं।

रविवार का व्रत
रविवार का व्रत सूर्य ग्रह को प्रसन्न करने हेतु किया जाता हैं। सूर्य का व्रत करने से हडीया मजबूत होती हैं, पेट संबंधी सभी रोगो का विनाश होता हैं, आंखो कि रोशनी बढती हैं, व्यक्ति का साहर एवं क्षमता में वृद्धि होकर उसका यश चारों और बढता हैं। रविवार का व्रत करने से सूर्य के प्रभाव में आने वाले सभी व्यवसाय एवं वस्तुओ से लाभ प्राप्त होता हैं।

सोमवार का व्रत
सोमवार का व्रत चंद्र ग्रह को प्रसन्न करने हेतु किया जाता हैं। जिस्से व्यक्तिने फेफडे के रोग, दमा, मानसिक रोग से मुक्ति मलती हैं। व्यक्तिनी चंलता दूर होती हैं, नशे कि लत छुडाने हेतु लाभ प्राप्त होता हैं, स्त्रीओं में मासिक रक्त-स्त्राव कि पीडा कम होती हैं। सोमवार का व्रत शिव को प्रिय हैं इस लिये अविवाहित लडकीयो कें १६ सोमवार का व्रत करने से उत्तम वर कि प्राप्ति होती हैं। सोमवार का व्रत करने से चंद्र के प्रभाव में आने वाले सभी व्यवसाय एवं वस्तुओ से लाभ प्राप्त होता हैं।

मंगलवार का व्रत
मंगल का व्रत मंगल ग्रह को प्रसन्न करने हेतु किया जाता हैं। जिस का व्यक्ति स्वभाव उग्र या हिंसात्मक, अधिक गुस्से वाला हो उनके मंगलवार का व्रत करने से मन शांत होता हैं। मंगलवार का व्रत गणपतीजी, हनुमानजी को प्रसन्न करने हेतु भी किया जाता हैं। मंगलवार का व्रत करने से भूत-प्रेत बाधा दूर होती हैं, व्यक्ति के सभी संकट दूर होजाते हैं। अविवाहित लडको के व्रत करने से उसकि बुद्धि और बल का विकास होता हैं। मंगलवार का व्रत करने से मंगल के प्रभाव में आने वाले सभी व्यवसाय एवं वस्तुओ से लाभ प्राप्त होता हैं।

बुधवार का व्रत
बुधवार का व्रत बुध ग्रह को प्रसन्न करने हेतु किया जाता हैं। बुधवार का व्रत व्यवसाय करने वालो हेतु लाभदायी होता हैं। बुधवार का व्रत गणेश जी एवं मां दुर्गा कि कृपा प्राप्ति हेतु किया जाता हैं। इस व्रत के करने से बुद्धिका विकास होता हैं, इस दिन व्रत के साथ दुर्गा सप्तशतीका पाठ करने से मनोवांछित फल कि प्राप्ति होती हैं। बुधवार का व्रत करने से बुध के प्रभाव में आने वाले सभी व्यवसाय एवं वस्तुओ से लाभ प्राप्त होता हैं।

गुरुवार का व्रत
गुरुवार का व्रत बृहस्पति ग्रह को प्रसन्न करने हेतु किया जाता हैं। गुरुवार का व्रत करने से धन - संपत्ति कि प्राप्ति होती हैं घर में सुख-शांति और समृद्धि बढती हैं। लडकी के विवाह में आरही बाधाएं दूर होती हैं। गुरुवार का व्रत करने से बृहस्पति के प्रभाव में आने वाले सभी व्यवसाय एवं वस्तुओ से लाभ प्राप्त होता हैं।

शुक्रवार का व्रत
शुक्रवार का व्रत शुक्र ग्रह को प्रसन्न करने हेतु किया जाता हैं। शुक्रवार का व्रत करने से व्यक्ति के सौंदर्य में वृद्धि होती हैं, गुप्त रोगोमें लाभ होता हैं, भोग-विलास कि चिज वस्तु में वृद्धि होती हैं। शुक्रवार का व्रत करने से शुक्र के प्रभाव में आने वाले सभी व्यवसाय एवं वस्तुओ से लाभ प्राप्त होता हैं।

शनिवार का व्रत
शनिवार का व्रत शनि ग्रह को प्रसन्न करने हेतु किया जाता हैं। शनिवार का व्रत करने से संपत्ति में वृद्धि होती हैं, खोया हुवा धन पूनः प्राप्त होता हैं। शिक्षा प्राप्ति में आरहे बाधा विघ्न दूर होते हैं। पेटा और पैर के रोग में लाभ प्राप्त होता हैं, पूराने रोग भी थिक होजाते हैं। शनिवार का व्रत करने से शनि के प्रभाव में आने वाले सभी व्यवसाय एवं वस्तुओ से लाभ प्राप्त होता हैं।

इस प्रकार ग्रहो के शुभ प्राभाव से निश्चिंत लाभ प्राप्त हो्ता हैं इस में जरा भी संदेह नहीं हैं, पूर्ण आस्था एवं विश्वास से किया गया व्रत अधिक प्रभाव शाली होते हैं।
• व्रत के दिन सुबह या रात्री एक समय सात्विक भोजन करें।
• कुछ व्रत में फलाहार कर सकते हैं एवं दूध-चाय-कोफी पीसकते हैं।
• ब्रह्मचर्य का पालन करें।
• नशे से परहेज करें।

मंगलवार, जनवरी 18, 2011

दिन-रात में जन्म और ज्योतिष

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दिन-रात से व्यक्तित्व



दिन और रात में जन्म समय का व्यक्तित्व पर प्रभाव

ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार दिन और रात में जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव और प्रकृति पर भिन्न-भिन्न होती हैं। क्योकि दिन के समय सूर्य देव अपनी किरणों के साथ धरती को अपने तेज से रौशन करते हैं एवं रात्रि के समय चन्द्रमा की शीतल चम-चमाती रोशनी अंधेरे को दूर जहाको रौशन करती हैं।

दिन में जन्म
ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म दिन के समय होता हैं, उस व्यक्ति का स्वभाव और व्यवहार धार्मिक, ईश्वर में पूर्ण आस्था और विश्वास रखने वाला होता हैं। सामाजिक कार्यों में भाग लेने वाला पुण्यात्मा होते हैं। व्यक्ति अपने जीवन में हर प्रकार के भौतिक सुख-सुविधा को प्राप्त करने की इच्छा रखता हैं, उसे प्राप्त करने के लिये हमेसां प्रयास रत रेहता हैं। मित्र वर्ग मे बहोत लोकप्रिय होते हैं, और मानसिक एवं बौधिक क्षमता उच्च कोटि की होती हैं। शारीर की बनावट आकर्षक और रंग उजवल एवं सुंदर होता हैं।

रात में जन्म
ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म रात के समय होता हैं, उस व्यक्ति का स्वभाव और व्यवहार से कम बोलेने वाले होते हैं, यानी चुप रहना पसंद करते हैं। व्यक्ति थोडे कामी होते हैं, विपरीत लिंग के प्रति अधिक झुकाव होता है। व्यक्ति चालाक और अपना मतलब निकालने में निपुण होते हैं। शारीरिक कष्ट के कारण इन्हें अनावश्यक परेशान रहना पड़ता हैं। व्यक्ति का व्यवहार कभि छुप छुपाकर कार्य मे मसगुल रेहने वाले, एवं अपने भितर की बाते सरलता से किसी को नहीं बताने वाले होते हैं।

नोट: व्यक्ति के स्वभाव पर केवल दिन-रात का प्रभाव नहीं होता हैं। व्यक्ति के स्वभाव के लिये व्यक्ति की राशि, ग्रह, नक्षत्र, इत्यादि का प्रभाव भी देखा जाना चाहिये हैं।

ग्रह शांति हेतु करें नवग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान

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ग्रह शांति हेतु करें नवग्रह एवं दान


कुंडली (जातक/ जन्म पत्री) में यदि कोई ग्रह कमजोर है या अशुभ भाव का स्वामी हो एवं अन्य भाव को देख कर अपना अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो उस ग्रह को शांत करना आवश्यक होता हैं जिस्से ग्रह अपना प्रतिकूल प्रभाव के स्थान पर अनुकूल प्रभाव प्रदान करें।

किसी भी ग्रह के प्रभाव को अनुकूल बनाने का सरल उपाय हैं उस ग्रह से संबंधिक वस्तु विशेष का जल प्रवाह या दान करना, जिस्से ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम किया जासके।

ग्रह:- सूर्य (वार:- रविवार)
सूर्य ग्रह कि शांति हेतु गेहूँ, ताँबा, घी, गुड़, माणिक्य, लाल कपड़ा, मसूरकी दाल, कनेर या कमल के फूल, गौ दान करने से शुभ फल कि प्राप्ति होती हैं

ग्रह:- चंद्र (वार:- सोमवार)
चंद्र ग्रह कि शांति हेतु मोती, चाँदी, चावल, चीनी, जल से भरा हुवा कलश, सफेद कपड़ा, दही, शंख, सफेद फूल, साँड आदि का दान करने से शुभ फल कि प्राप्ति होती हैं

ग्रह:- मंगल (वार:- मंगलवार)
मंगल ग्रह कि शांति हेतु मूंगा, मसूर, घी, गुड़, लाल कपड़ा, रक्त चंदन, गेहूँ, केसर, ताँबा, लाल फूल का दान करने से शुभ फल कि प्राप्ति होती हैं

ग्रह:- बुध (वार:- बुधवार)
बुध ग्रह कि शांति हेतु हरे पन्ना, मूँग, घी, हरा कपड़ा, चाँदी, फूल, काँसे का बर्तन, कपूर का दान करने से शुभ फल कि प्राप्ति होती हैं

ग्रह:- बृहस्पति (गुरु) (वार:- गुरुवार)
बृहस्पति ग्रह कि शांति हेतु पुखराज, चने की दाल, हल्दी, पीला कपड़ा, गुड़, केसर, पीला फूल, घी और सोने की वस्तुओं का दान करने से शुभ फल कि प्राप्ति होती हैं

ग्रह:- शुक्र (वार:- शुक्रवार)
शुक्र ग्रह कि शांति हेतु श्वेत रत्न, चाँदी, चावल, दूध, सफेद कपड़ा, घी, सफेद फूल, धूप, अगरबत्ती, इत्र, सफेद चंदन दान करने से शुभ फल कि प्राप्ति होती हैं

ग्रह:- शनि (वार:- शनिवार)
शनि ग्रह कि शांति हेतु निलम, काला कपड़ा, साबुत उड़द, लोहा, यथा संभव दक्षिणा, तेल, काला पुष्प, काले तिल, चमड़ा, काले कंबल का दान करने से शुभ फल कि प्राप्ति होती हैं

ग्रह:- राहु (वार:- शनिवार)
राहु ग्रह कि शांति हेतु काला एवं गोमेद, नीला कपड़ा, कंबल, साबूत सरसों (राई), ऊनी कपड़ा, काले तिल व तेल का दान करने से शुभ फल कि प्राप्ति होती हैं

ग्रह:- केतु (वार:- मंगलवार)
केतु कि शांति हेतु सात प्रकार के वैदूर्य, अनाज, काजल, झंडा, ऊनी कपड़ा, तिल आदि का दान करने से शुभ फल कि प्राप्ति होती हैं

नोट:- * कृप्या दान अपनी श्रद्धा एवं क्षमता के अनुसार एक या अधिक वस्तुओं का कर सकते हैं। * दान ग्रहों के तय वार के अनुशार हि करें। * किसी गरीब या जरुरतमंद व्यक्ति को दान करना चाहिए। * अपने द्वारा दान का बखान या दिखावा करने हेतु दान करने से पुण्य कम हो जाता हैं।