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बुधवार, सितंबर 19, 2012

सरल विधि-विधान से श्री गणेश पूजन


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सरल विधि-विधान से श्री गणेश पूजन
 लेख साभार: गुरुत्व ज्योतिष पत्रिका (सितम्बर-2012)
श्री गणेशजी की पूजा से व्यक्ति को बुद्धि, विद्या, विवेक रोग, व्याधि एवं समस्त विध्न-बाधाओं का स्वतः नाश होता है
श्री गणेशजी की कृपा प्राप्त होने से व्यक्ति के मुश्किल से मुश्किल कार्य भी आसान हो जाते हैं।
जिन लोगो को व्यवसाय-नौकरी में विपरीत परिणाम प्राप्त हो रहे हों, पारिवारिक तनाव, आर्थिक तंगी, रोगों से पीड़ा हो रही हो एवं व्यक्ति को अथक मेहनत करने के उपरांत भी नाकामयाबी, दु:, निराशा प्राप्त हो रही हो, तो एसे व्यक्तियो की समस्या के निवारण हेतु चतुर्थी के दिन या बुधवार के दिन श्री गणेशजी की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान शास्त्रों में बताया हैं।
जिसके फल से व्यक्ति की किस्मत बदल जाती हैं और उसे जीवन में सुख, समृद्धि एवं ऎश्वर्य की प्राप्ति होती हैं। श्री गणेश जी का पूजन अलग-अलग उद्देश्य एवं कामनापूर्ति हेतु अलग-अलग मंत्र विधि-विधान से किया जाता हैं, इस लिये यहां दर्शाई गई पूजन विधि में अंतर होना सामान्य हैं।
सभी पाठको के मार्गदर्शन हेतु श्री गणेश जी का पूजन विधान दिया जा रहा हैं।
सरल विधि-विधान से श्री गणेश पूजन का संपूर्ण लेख पढ़ने हेतु
गुरुत्व ज्योतिष मासिक पत्रिका का सितम्बर-2012 अंक पढ़ें।
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>> गुरुत्व ज्योतिष पत्रिका (सितम्बर-2012)

Sep-2012
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ಶ್ರೀ ಗಣೇಶ ಪುಜಾ-2012,  ಮೂಹುರ್ತ, ಗಣೇಶ ಪೂಜನ ಹೇತು ಶುಭ ಸಮಯ, 19-ಸಿತಮ್ಬರ-2012 ಗಣೇಶ ಪೂಜನ ಹೇತು ಮುಹೂರ್ತ, ಶ್ರೀ ಗಣಪತಿ ಪೂಜಾ ಮೂಹೂರ್ತ, ಗಣಪತಿ ಪುಜಾ-2012 ,ಸರ್ವಪ್ರಥಮ ಪೂಜನೀಯ ಶ್ರೀ ಗಣೇಶ, ಸರ್ವಪ್ರಥಮ ಪೂಜಾ ಗಣೇಶಜೀ ಕೀ?, ಗಣೇಶ ಪೂಜನ, ಸರಲ ವಿಧಿ ಸೇ ಶ್ರೀ ಗಣೇಶ ಪೂಜನ, ಗಣೇಶ ಗಾಯತ್ರೀ ಮನ್ತ್ರಅನಂತ ಚತುರ್ದಶೀ ವ್ರತ ಉತ್ತಮ ಫಲದಾಯೀ ಹೋತಾ ಹೈಂ|, ಗಣೇಶಜೀ ಕೋ ದುರ್ವಾ-ದಲ ಚಢ಼್ಆನೇ ಕಾ ಮಂತ್ರ, ಗಣೇಶ ಪೂಜನ ಗಣೇಶ ಕೇ ಚಮತ್ಕಾರೀ ಮನ್ತ್ರ,ಗಣೇಶ ಕೇ ಕಲ್ಯಾಣಕಾರೀ ಮನ್ತ್ರ, ಗಣೇಶ ಪೂಜನ ಗ್ರಹಪೀಡಾ ದೂರ ಹೋತೀ ಹೈಂ|ಗಣೇಶ ಯನ್ತ್ರ, ಗಣೇಶ ಯಂತ್ರ, ಗಣೇಶ ಯಂತ್ರ, ಗಣೇಶ ಯಂತ್ರ (ಸಂಪೂರ್ಣ ಬೀಜ ಮಂತ್ರ ಸಹಿತ), ಗಣೇಶ ಸಿದ್ಧ ಯಂತ್ರ, ಲಕ್ಷ್ಮೀ ಗಣೇಶ ಯಂತ್ರ, ಏಕಾಕ್ಷರ ಗಣಪತಿ ಯಂತ್ರ, ಹರಿದ್ರಾ ಗಣೇಶ ಯಂತ್ರ, ಸ್ಫಟಿಕ ಗಣೇಶ, ಮಂಗಲ ಗಣೇಶ, ಪಾರದ ಗಣೇಶ, ಪನ್ನ ಗಣೇಶ, ಗಣೇಶ ರುದ್ರಾಕ್ಷ,  ஶ்ரீ கணேஶ புஜா-2012,  மூஹுர்த, கணேஶ பூஜந ஹேது ஶுப ஸமய, 19-ஸிதம்பர-2012 கணேஶ பூஜந ஹேது முஹூர்த, ஶ்ரீ கணபதி பூஜா மூஹூர்த, கணபதி புஜா-2012 ,ஸர்வப்ரதம பூஜநீய ஶ்ரீ கணேஶ, ஸர்வப்ரதம பூஜா கணேஶஜீ கீ?, கணேஶ பூஜந, ஸரல விதி ஸே ஶ்ரீ கணேஶ பூஜந, கணேஶ காயத்ரீ மந்த்ரஅநம்த சதுர்தஶீ வ்ரத உத்தம பலதாயீ ஹோதா ஹைம்|, கணேஶஜீ கோ துர்வா-தல சடாநே கா மம்த்ர, கணேஶ பூஜந கணேஶ கே சமத்காரீ மந்த்ர,கணேஶ கே கல்யாணகாரீ மந்த்ர, கணேஶ பூஜந க்ரஹபீடா தூர ஹோதீ ஹைம்|கணேஶ யந்த்ர, கணேஶ யம்த்ர, கணேஶ யம்த்ர, கணேஶ யம்த்ர (ஸம்பூர்ண பீஜ மம்த்ர ஸஹித), கணேஶ ஸித்த யம்த்ர, லக்ஷ்மீ கணேஶ யம்த்ர, ஏகாக்ஷர கணபதி யம்த்ர, ஹரித்ரா கணேஶ யம்த்ர, ஸ்படிக கணேஶ, மம்கல கணேஶ, பாரத கணேஶ, பந்ந கணேஶ, கணேஶ ருத்ராக்ஷ,  శ్రీ కణేశ పుజా-2012,  మూహుర్త, కణేశ పూజన హేతు శుప సమయ, 19-సితమ్పర-2012 కణేశ పూజన హేతు ముహూర్త, శ్రీ కణపతి పూజా మూహూర్త, కణపతి పుజా-2012 ,సర్వప్రతమ పూజనీయ శ్రీ కణేశ, సర్వప్రతమ పూజా కణేశజీ కీ?, కణేశ పూజన, సరల వితి సే శ్రీ కణేశ పూజన, కణేశ కాయత్రీ మన్త్రఅనమ్త చతుర్తశీ వ్రత ఉత్తమ పలతాయీ హోతా హైమ్|, కణేశజీ కో తుర్వా-తల చటానే కా మమ్త్ర, కణేశ పూజన కణేశ కే చమత్కారీ మన్త్ర,కణేశ కే కల్యాణకారీ మన్త్ర, కణేశ పూజన క్రహపీటా తూర హోతీ హైమ్|కణేశ యన్త్ర, కణేశ యమ్త్ర, కణేశ యమ్త్ర, కణేశ యమ్త్ర (సమ్పూర్ణ పీజ మమ్త్ర సహిత), కణేశ సిత్త యమ్త్ర, లక్ష్మీ కణేశ యమ్త్ర, ఏకాక్షర కణపతి యమ్త్ర, హరిత్రా కణేశ యమ్త్ర, స్పటిక కణేశ, మమ్కల కణేశ, పారత కణేశ, పన్న కణేశ, కణేశ రుత్రాక్ష,  ശ്രീ കണേശ പുജാ-2012,  മൂഹുര്ത, കണേശ പൂജന ഹേതു ശുപ സമയ, 19-സിതമ്പര-2012 കണേശ പൂജന ഹേതു മുഹൂര്ത, ശ്രീ കണപതി പൂജാ മൂഹൂര്ത, കണപതി പുജാ-2012 ,സര്വപ്രതമ പൂജനീയ ശ്രീ കണേശ, സര്വപ്രതമ പൂജാ കണേശജീ കീ?, കണേശ പൂജന, സരല വിതി സേ ശ്രീ കണേശ പൂജന, കണേശ കായത്രീ മന്ത്രഅനമ്ത ചതുര്തശീ വ്രത ഉത്തമ പലതായീ ഹോതാ ഹൈമ്|, കണേശജീ കോ തുര്വാ-തല ചടാനേ കാ മമ്ത്ര, കണേശ പൂജന കണേശ കേ ചമത്കാരീ മന്ത്ര,കണേശ കേ കല്യാണകാരീ മന്ത്ര, കണേശ പൂജന ക്രഹപീടാ തൂര ഹോതീ ഹൈമ്|കണേശ യന്ത്ര, കണേശ യമ്ത്ര, കണേശ യമ്ത്ര, കണേശ യമ്ത്ര (സമ്പൂര്ണ പീജ മമ്ത്ര സഹിത), കണേശ സിത്ത യമ്ത്ര, ലക്ഷ്മീ കണേശ യമ്ത്ര, ഏകാക്ഷര കണപതി യമ്ത്ര, ഹരിത്രാ കണേശ യമ്ത്ര, സ്പടിക കണേശ, മമ്കല കണേശ, പാരത കണേശ, പന്ന കണേശ, കണേശ രുത്രാക്ഷ,  ਸ਼੍ਰੀ ਕਣੇਸ਼ ਪੁਜਾ-2012,  ਮੂਹੁਰ੍ਤ, ਕਣੇਸ਼ ਪੂਜਨ ਹੇਤੁ ਸ਼ੁਪ ਸਮਯ, 19-ਸਿਤਮ੍ਪਰ-2012 ਕਣੇਸ਼ ਪੂਜਨ ਹੇਤੁ ਮੁਹੂਰ੍ਤ, ਸ਼੍ਰੀ ਕਣਪਤਿ ਪੂਜਾ ਮੂਹੂਰ੍ਤ, ਕਣਪਤਿ ਪੁਜਾ-2012 ,ਸਰ੍ਵਪ੍ਰਤਮ ਪੂਜਨੀਯ ਸ਼੍ਰੀ ਕਣੇਸ਼, ਸਰ੍ਵਪ੍ਰਤਮ ਪੂਜਾ ਕਣੇਸ਼ਜੀ ਕੀ?, ਕਣੇਸ਼ ਪੂਜਨ, ਸਰਲ ਵਿਤਿ ਸੇ ਸ਼੍ਰੀ ਕਣੇਸ਼ ਪੂਜਨ, ਕਣੇਸ਼ ਕਾਯਤ੍ਰੀ ਮਨ੍ਤ੍ਰਅਨਮ੍ਤ ਚਤੁਰ੍ਤਸ਼ੀ ਵ੍ਰਤ ਉੱਤਮ ਪਲਤਾਯੀ ਹੋਤਾ ਹੈਮ੍|, ਕਣੇਸ਼ਜੀ ਕੋ ਤੁਰ੍ਵਾ-ਤਲ ਚਟਾਨੇ ਕਾ ਮਮ੍ਤ੍ਰ, ਕਣੇਸ਼ ਪੂਜਨ ਕਣੇਸ਼ ਕੇ ਚਮਤ੍ਕਾਰੀ ਮਨ੍ਤ੍ਰ,ਕਣੇਸ਼ ਕੇ ਕਲ੍ਯਾਣਕਾਰੀ ਮਨ੍ਤ੍ਰ, ਕਣੇਸ਼ ਪੂਜਨ ਕ੍ਰਹਪੀਟਾ ਤੂਰ ਹੋਤੀ ਹੈਮ੍|ਕਣੇਸ਼ ਯਨ੍ਤ੍ਰ, ਕਣੇਸ਼ ਯਮ੍ਤ੍ਰ, ਕਣੇਸ਼ ਯਮ੍ਤ੍ਰ, ਕਣੇਸ਼ ਯਮ੍ਤ੍ਰ (ਸਮ੍ਪੂਰ੍ਣ ਪੀਜ ਮਮ੍ਤ੍ਰ ਸਹਿਤ), ਕਣੇਸ਼ ਸਿੱਤ ਯਮ੍ਤ੍ਰ, ਲਕ੍ਸ਼੍ਮੀ ਕਣੇਸ਼ ਯਮ੍ਤ੍ਰ, ਏਕਾਕ੍ਸ਼ਰ ਕਣਪਤਿ ਯਮ੍ਤ੍ਰ, ਹਰਿਤ੍ਰਾ ਕਣੇਸ਼ ਯਮ੍ਤ੍ਰ, ਸ੍ਪਟਿਕ ਕਣੇਸ਼, ਮਮ੍ਕਲ ਕਣੇਸ਼, ਪਾਰਤ ਕਣੇਸ਼, ਪੰਨ ਕਣੇਸ਼, ਕਣੇਸ਼ ਰੁਤ੍ਰਾਕ੍ਸ਼,  শ্রী কণেশ পুজা-2012,  মূহুর্ত, কণেশ পূজন হেতু শুপ সময, 19-সিতম্পর-2012 কণেশ পূজন হেতু মুহূর্ত, শ্রী কণপতি পূজা মূহূর্ত, কণপতি পুজা-2012 ,সর্ৱপ্রতম পূজনীয শ্রী কণেশ, সর্ৱপ্রতম পূজা কণেশজী কী?, কণেশ পূজন, সরল ৱিতি সে শ্রী কণেশ পূজন, কণেশ কাযত্রী মন্ত্রঅনম্ত চতুর্তশী ৱ্রত উত্তম পলতাযী হোতা হৈম্|, কণেশজী কো তুর্ৱা-তল চটানে কা মম্ত্র, কণেশ পূজন কণেশ কে চমত্কারী মন্ত্র,কণেশ কে কল্যাণকারী মন্ত্র, কণেশ পূজন ক্রহপীটা তূর হোতী হৈম্|কণেশ যন্ত্র, কণেশ যম্ত্র, কণেশ যম্ত্র, কণেশ যম্ত্র (সম্পূর্ণ পীজ মম্ত্র সহিত), কণেশ সিত্ত যম্ত্র, লক্শ্মী কণেশ যম্ত্র, একাক্শর কণপতি যম্ত্র, হরিত্রা কণেশ যম্ত্র, স্পটিক কণেশ, মম্কল কণেশ, পারত কণেশ, পন্ন কণেশ, কণেশ রুত্রাক্শ,  ଶ୍ରୀ କଣେଶ ପୁଜା-2012,  ମୂହୁର୍ତ, କଣେଶ ପୂଜନ ହେତୁ ଶୁପ ସମଯ, 19-ସିତମ୍ପର-2012 କଣେଶ ପୂଜନ ହେତୁ ମୁହୂର୍ତ, ଶ୍ରୀ କଣପତି ପୂଜା ମୂହୂର୍ତ, କଣପତି ପୁଜା-2012 ,ସର୍ଵପ୍ରତମ ପୂଜନୀଯ ଶ୍ରୀ କଣେଶ, ସର୍ଵପ୍ରତମ ପୂଜା କଣେଶଜୀ କୀ?, କଣେଶ ପୂଜନ, ସରଲ ଵିତି ସେ ଶ୍ରୀ କଣେଶ ପୂଜନ, କଣେଶ କାଯତ୍ରୀ ମନ୍ତ୍ରଅନମ୍ତ ଚତୁର୍ତଶୀ ଵ୍ରତ ଉତ୍ତମ ପଲତାଯୀ ହୋତା ହୈମ୍|, କଣେଶଜୀ କୋ ତୁର୍ଵା-ତଲ ଚଟାନେ କା ମମ୍ତ୍ର, କଣେଶ ପୂଜନ କଣେଶ କେ ଚମତ୍କାରୀ ମନ୍ତ୍ର,କଣେଶ କେ କଲ୍ଯାଣକାରୀ ମନ୍ତ୍ର, କଣେଶ ପୂଜନ କ୍ରହପୀଟା ତୂର ହୋତୀ ହୈମ୍|,  କଣେଶ ଯନ୍ତ୍ର, କଣେଶ ଯମ୍ତ୍ର, କଣେଶ ଯମ୍ତ୍ର, କଣେଶ ଯମ୍ତ୍ର (ସମ୍ପୂର୍ଣ ପୀଜ ମମ୍ତ୍ର ସହିତ), କଣେଶ ସିତ୍ତ ଯମ୍ତ୍ର, ଲକ୍ଶ୍ମୀ କଣେଶ ଯମ୍ତ୍ର, ଏକାକ୍ଶର କଣପତି ଯମ୍ତ୍ର, ହରିତ୍ରା କଣେଶ ଯମ୍ତ୍ର, ସ୍ପଟିକ କଣେଶ, ମମ୍କଲ କଣେଶ, ପାରତ କଣେଶ, ପନ୍ନ କଣେଶ, କଣେଶ ରୁତ୍ରାକ୍ଶ,




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