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शनिवार, जून 19, 2010

हस्त रेखा एवं रोग (भाग:2)

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हस्त रेखा एवं रोग (भाग:2)

* हृदय रेख पर काला बिंदु होना, या आयु रेखा पर नीला धब्बा हो, या हाथ में स्वास्थ्य रेखाटूटी-फूटी हो, या मस्तक रेखा के मध्य में काला धब्बा हो तो व्यक्ति को ज्वर से पीड़ा होती हैं।
* यदि चंद्र पर्वत पर गहरी धारियां हों, या मस्तक रेखा धुमावदार या टूटी हुई हो, या मस्तक रेखा पर क्रॉस का चिन्ह हो, या मस्तक रेखा का शनि पर्वत के निकट अंत होती हों , तो व्यक्ति की मानसिक बीमारी से ग्रसित होता हैं।
* मस्तक रेखा शनि पर्वत के नीचे टूट कर खत्म होती हो, चंद्र पर्वत पर टेढी-मेढी रेखाए हों, हृदय रेखा जंजीर के समान हों कर अस्पष्ट हो, तो व्यक्ति
को पथरी रोग होने कि संभावना रहती हैं।
* यदि हथेली कि रेखाएं पीली हो, या गुरु पर्वत अधिक उन्नत हुआ हो, या नख लंबे एवं काले हो,मस्तक रेखा और शनि पर्वत के नीचे कि रेखा जंजीरनुमा हो, तीनों मुख्य रेखाओं को कोई रेखा काट रही हो, तो व्यक्ति को क्षय रोग एवं फेफड़ों से संबंधित रोग हो जाता हैं।
* शनि पर्वत पर जाली हो, या कोई रेखा आयु रेखा एवं मस्तक रेखा को काटकर जाली को छुती हो, या चंद्रमा पर्वत पर क्रॉस हो, चंद्रमा पर्वत पर अस्त-व्यस्त रेखाएं हों, स्वास्थ्य रेख धुमती हुइ शुक्र पर्वत से जुडती हुइ कोई रेखा आयु रेखा को काटकर मस्तक रेखा को काटती हुई हृदय रेखा से मिलती हो, तो व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित रहता हैं।
* यदि हथेली अधिक पतली एवं लंबी हो, अंगुलियां भी अधिक लचीली हो, या हथेली से थोडि बड़ी हो, या मस्तक रेखा तथा हृदय रेखा के बीच में अधिक अंतर हो, ग्रह पर्वतों की मुडने वाली ऊर्ध्वागामी रेखाएं अधिक हो, तो व्यक्ति मस्तक ज्वर से पीड़ित होता हैं।
* यदि चंद्र पर्वत काफी उन्नत हो चंद्र पर्वत के नीचे का भाग पर काफी रेखाएं हों, आयु रेखा को छुती हुई कोई रेखा चंद्र पर्वत की ओर जा रही हो, तो व्यक्ति व्यक्ति को मूत्र संबंधी बीमारियां पीड़ित करती हैं।
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