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गुरुवार, अप्रैल 21, 2011

शिवस्तोत्र से रोग, कष्ट-दरिद्रता का निवारण

दारीद्र्यदहन शिबस्त्रोत का पाठ रोग, कष्ट-दरिद्रता का निवारण करता हैं।, Daridryrhan Siva stotr For disease, suffering - poverty Ending, Daridryrhan Siva stotr For disease, suffering - poverty prevention. Remedy for disease, suffering - poverty, Remady for disease, suffering - poverty ,


 दारिद्र्यदहन शिवस्तोत्र के पाठ से रोग, कष्ट-दरिद्रता का निवारण

यदि किसी व्यक्ति को जीवन में किसी भी प्रकार के दुःख, कष्ट, रोग आदि से परेशान हो परेशानीया पीछा नहीं छोड रही हों, उनके लिये दारिद्र्यदहन शिवस्तोत्र का पाठ रामबाण हैं।

विद्वानो के मतानुशार जिन लोगो को जीवन में अथक परिश्राम एवं पूर्ण मेहनेत के उपरांत सफलता प्राप्त नहीं हो रही हों उन्हें दारिद्र्यदहन शिवस्तोत्र का पाठ पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास से नियमित करना चाहिये।

क्योकी एसा शास्रोक्त वचन हैं, की जो व्यक्ति श्रद्धा भाव से त्रिकाल अर्थात सुबह, संध्या एवं रात्री के समय दारिद्र्य दहन शिवस्तोत्रं का पाठ करता उनके सभी दुख, कष्ट सर्व रोगादिका शीघ्र निवारण हो जाता हैं और भगवान भोलेभंडारी की कृपा से उसे, सुख, संपत्ति एवं उत्तम संतान लाभ प्राप्त होता हैं। इसमें लेश मात्र भी संदेह नहीं हैं।



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