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मंगलवार, मार्च 09, 2010

धन प्राप्ति और वास्तु सिद्धांत(भाग:१)

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धन प्राप्ति और वास्तु सिद्धांत(भाग:१)
आज के भौतिक युग में हर कार्य धन के उपर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुपसे निर्भर करता हैं इस लिये प्रत्येक व्यक्ति कि यही इच्छा होती हैं कि उसके पास अपार धन दौलत एवं जीवन उपयोगी सारी सुख सुविधाए उप्लब्ध हो जो एक समृद्ध व्यक्ति के पास में होती हैं, एवं उसकी समृद्धि एवं उन्नति दिन प्रतिदिन बढती जाए।

आप अपने घर में धन एवं बहुमूल्य आभूषण, जवाहरात इत्यादि कि सुरक्षा हेतु अलमारी या कैश बोक्स रखते हैं, जिस्से धन सुरक्षित रहे और उसमे बढ़त होती रहें। इसके लिये वास्तु से संबंधित धन संचय हेतु कुछ उपाय।

वास्तु के अनुशार धन एवं बहु मूल्य सामग्री को उत्तर दिशा में रखे। उत्तर दिशा में कुबेर का वास होता हैं। एवं कुबेर धन के देवता हैं एवं उत्तर दिशा पर उनका प्रभाव रहता हैं। इस लिये अपने व्यवसाय स्थान या घर में धन को सुरक्षित रखने हेतु उत्तर दिशा का चुनाव करें।

उत्तर - व्यवसाय स्थान या घर में अलमारी को उत्तर दिशा के कमरे में उसे दक्षिण दिशा की दीवार से सटाकर एसे रखे कि उसका मुख उत्तर कि तरफ रहे या आपका मुख अलमारी खोलते या बंध करते समय दक्षिण दिशा कि और रहें। उत्तर कि और खुलने वाली अलमारी एवं कैश बोक्स में रखे गये धन एवं आभूषण कि निरंतर वृद्धि होती रहती हैं।

पूर्व - पूर्व कि और खुलने वाली अलमारी एवं कैश बोक्स में धन रखने से उसमें बढ़ोतरी होती रहती है। लेकिन उत्तर को सर्व श्रेष्ठ मानागया हैं।

दक्षिण - दक्षिण कि और खुलने वाली अलमारी एवं कैश बोक्स में धन रखने से धन एवं आभूषण जो हैं उसमे में कमी आजाति हैं क्योकि एसी स्थिति मे अलमारी या कैश बोक्स होने से आमदनी से खर्चा अधिक होता हैं एवं संचय किये गये धन में भी कमी आजाती हैं। एवं व्यक्ति पर कर्ज चढ जाता हैं।

पश्चिम - पश्चिम कि और खुलने वाली अलमारी एवं कैश बोक्स में धन रखने से धन एवं आभूषण रखने से उस घर मे धन कडी मेहनत से कभी कभार प्राप्त होता हैं एवं टिक पाता हैं, अन्य था अन्य संबंधि या मित्र वर्ग से सहायता से प्राप्त होने वाला धन भी टिकता नहीं हैं।

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